करोड़पति आईएएस पूजा के नखरे और विवाद
महाराष्ट्र में ट्रेनी आईएएस अफसर पूजा खेडकर इन दिनों विवादों में हैं। उनके नाम पर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वह लगभग 17.22 करोड़ की संपत्ति की मालकिन हैं। इसके अलावा वह अपनी नियुक्ति को लेकर भी विवादों में हैं।
पूजा खेडकर 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी में 821वीं रैंक लाकर परीक्षा पास की थी. इन दिनों पूजा प्रोबेशन के दौरान अपनी मांगों को लेकर सुर्खियों में है. पूजा पर आरोप लगा है कि उन्होंने सहायक कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने पुणे के जिला कलेक्टर से अलग घर और कार की मांग की थी. इसके अलावा पूजा ने सायरन, वीआईपी नंबर प्लेट की गाड़ी और अपनी निजी लग्जरी सेडान पर महाराष्ट्र सरकार का स्टिकर लगाने की भी मांग की थी. अब उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं.
पूजा ने छह बार मेडिकल जांच में शामिल होने से किया था मना
पूजा खेडकर ने दृष्टिबाधित श्रेणी से यूपीएससी परीक्षा पास की थी. उन्होंने विकलांग होने का दावा किया है और अपनी मानसिक बीमारी होने का प्रमाण पत्र भी पेश किया है. इस तरह पूजा को यूपीएससी परीक्षा में विशेष रियायत मिली और वो आईएएस बन गईं. रिपोर्ट्स की माने उनके प्राप्तांक कम थे और वह यूपीएससी की परीक्षा पास नहीं कर सकती थी. चयन के बाद जब पूजा के मेडिकल जांच कराने की बारी आई तो उन्होंने छह बार मेडिकल जांच में शामिल होने से इनकार किया था.
यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई
यातायात नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज पाटिल ने बताया कि जिस VVIP नंबर वाली ऑडी कार में पूजा खेडकर ने लाल-नीली बत्ती लगा रखी है और 'महाराष्ट्र शासन' लिखा है, उसके खिलाफ यातायात उल्लंघन के मामले में 21 चालान हो चुके हैं।
दिव्यांगता ओबीसी कोटा दुरुपयोग पर केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है जांच
केंद्र सरकार ने पूजा खेडकर के विकलांग दावे को लेकर जांच शुरू की है, जिसके लिए एक सदस्यीय कमेटी 2 हफ्तों में अपनी रिपोर्ट देगी। आरोप है कि पूजा ने हलफनामा में दावा किया था कि वह मानसिक दिव्यांग हैं और उन्हें आंखों की परेशानी है। इस वजह से चयन में पूजा को रियायत दी गई। हालांकि, वह 6 बार मेडिकल जांच में शामिल नहीं हुई। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कोटे का गलत इस्तेमाल का भी आरोप है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें