- ताज प्रेस क्लब चुनाव में मांडवाली व आरोपों का दौर
दशक के बाद हो रहे ताज प्रेस क्लब के चुनाव का अपने दूसरे दौर में पहुंच गया है जहां प्रत्याशियों में मांडवाली कर उम्मीदवारों को एक दूसरे के पक्ष चुनाव से हटने हटाने के प्रयास अपने चरम पर है - इस बार के चुनाव में मतदाताओं का एक वर्ग निवर्तमान कारकारिणी में निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों के चुनाव लडने पर विरोध की मुहिम इस तर्क के साथ चला रहा है कि इन पदाधिकारियों की निष्क्रियता के कारण ही क्लब की दुर्दशा हुई व बारह वर्ष तक चुनाव नही हुए जबकि निवर्तमान पदाधिकारी पूरी ऊर्जा व सुधारों के नए वायदों के साथ चुनावी मैदान में अपना दमखम दिखा रहे है
- इस बार के चुनाव में युवा वर्किंग जर्नलिस्ट के साथ पहली बार महिला पत्रकार भी चुनावी मैदान में है इस बार का चुनाव जोश और अनुभव के बीच है
- क्लब में मतदाताओं की संख्या के गणित में युवा मतदाताओं की संख्या ज्यादा होने से चुनाव बड़ा ही दिलचस्प हो गया है एक लहर सभी चुनावी आंकलन को ध्वस्त कर सकती है

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