ओमिक्रॉन की बेकाबू रफ्तार के बीच एक और विलेन डेल्मीक्रॉन का खतरा, कई देशों में मचा रहा है तबाही
दक्षिण अफ्रीका में पिछले महीने सामने आए कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट ने अमेरिका और ब्रिटेन सहित दुनिया के कई अन्य देशों में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। इस वेरिएंट से पहले डेल्टा तबाही मचा रहा था। लेकिन अब एक और वेरिएंट भी सामने आ गया हैं जिसका नाम डेल्मीक्रॉन है। अमेरिका और यूरोप में बढ़ रहे कोविड-19 के मामलों के पीछे इसे ही जिम्मेदार माना जा रहा है।
आपको ये बात जानकर बहुत हैरानी होगी कि डेल्मीक्रॉन डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट का संयोजन (कॉम्बिनेशन) है। और भी अधिक तेजी से यह फैलता है। कोविड-19 पर महाराष्ट्र के टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी ने बताया कि, डेल्टा और ओमिक्रॉन के ट्विन स्पाइट (एक साथ तेजी से फैलने) डेल्मीक्रॉन के कारण यूरोप और अमेरिका में संक्रमण के मामलों की एक छोटी सुनामी आई है। उन्होंने आगे कहा कि ओमिक्रॉन दुनिया के बाकी देशों में बहुत ही तेजी से डेल्टा वेरिएंट की जगह ले रहा है।
डेल्मीक्रॉन वेरिएंट ओमिक्रॉन वेरिएंट से कैसे अलग है
ओमिक्रॉन सार्स…. का अत्यधिक उत्परिवर्तित ठण्1ण्1ण्1ण्529 रूप है, जो पहली बार दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। ये वेरिएंट बहुत तेजी से फैलता है और इससे संक्रमित व्यक्ति में डेल्टा के मुकाबले हल्के लक्षण दिखाई देते हैं। इसमें मृत्यु दर डेल्टा वेरिएंट से भी कम है। जबकि डेल्मीक्रॉन, डेल्टा और ओमिक्रॉन का कॉम्बिनेशन है। जिसके तेजी से फैलने की भी आशंका है। डेल्मीक्रॉन में डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों स्ट्रेन एक साथ मिलकर कोविड-19 के मामलों में बहुत अधिक बढ़ोतरी कर रहे हैं।
भारत में डेल्मीक्रॉन की स्थिति
भारत में आधिकारिक तौर पर अभी तक डेल्मीक्रॉन को लेकर कुछ नहीं सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में इस समय ओमिक्रॉन के कुल मामले 354 हो गए हैं। डॉक्टर शशांक जोशी ने कहा कि इस बात का अनुमान लगाने का अभी तक कोई भी तरीका नहीं है, जिससे यह पता चल सके कि डेल्टा और ओमिक्रॉन से बने नए वेरिएंट डेल्मीक्रॉन का क्या असर हो सकता है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए वायरस से बचाव के उपाय अपनाते रहना बहुत ही जरूरी है।
डेल्मीक्रॉन वेरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू.एच.ओ) या फिर अमेरिका के रोग नियंत्रक एंव रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने अभी तक कुछ भी नहीं कहा है। इसके साथ ही भारत में कोविड-19 टास्क फोर्स या फिर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर) के लिए बनी टास्क फोर्स में भी किसी ने डेल्मीक्रॉन शब्द का इस्तेमाल अभी नहीं किया है।
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