
कोरोना वायरस ने ज़िन्दगी जीने का पूरा तरीका बदल दिया है.लोगो को घरो में रहना पड़ रहा है,रोज़गार प्रभावित हुये है,अनलॉक हो चुका है, इसी बीच ये चर्चा हो रही है की एक सितम्बर से स्कूल खोल दिए जाएंगे ?
ये दवा एक न्यूज़ पेपर ने किया है । जिसके बाद अधिकतर अभिभावक परेशान है और वो नहीं चाहते की स्कूल खुले,और ऐसी महामारी में अपने बच्चो को जोखिम उठा कर स्कूल भेजे ।
अब सवाल ये है की क्याअभिभावक चाहते है की १ सितम्बर से स्कूल खुले ?
हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चला है की अभिभावक नहीं चाहते है की अभी स्कूल,कॉलेज खुले.इस सर्वे में सिर्फ 33/. अभिभावक ने कहा की स्कूल खुले,बाके के अभिभावक इस महामारी के चलते बच्चो को स्कूल भेजना नहीं चाहते है । कोरोना वायरस के चलते काफी समय से स्कूल बंद है,पर हाल ही में सोशल मिडिया पर एक खबर तेज़ी से वायरल हो रही है,जिसमे दावा किया गया है की 1 सितम्बर से पूरे देश में स्कूल खुल रहे है । कई पेरेंट्स ने इस खबर को सच माना है,तो कई इस खबर की सच्चाई को लेकर असमंजस में है ?
दरअसल ये खबर झूठी है, भारत सरकार की प्रेस इंर्फोमेशन ब्यूरो (PIB) ने वायरल खबर को फर्जी बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया है कि सरकार ने ऐसा कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया है। पीआईबी ने अपने ट्वीट में लिखा था की "सरकार १ सितम्बर से १४ नवंबर तक क्रमबद्ध तरीके से स्कूल खोलने जा रही है”ऐसा कोई निर्णय सरकार ने नहीं लिया है,जुलाई महीने में सरकार ने अनलॉक 3 से जुड़े निर्देश जारी किये थे,जिसमें स्कूल कॉलेज और कोचिंग संस्थान 31 अगस्त तक बंद रखने का निर्णय लिया गया था । केंद्र सरकार ने कहा था की सभी राज्यों के पेरेंट्स से राय ली जाये की स्कूल कब खोले ।
मानव संसाधन और विकास मंत्रालय संसदीय समिति ने कहा है की अभी स्कूल और कॉलेज खोलने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है ।
ये बात साफतौर पर कही जा सकती है की सोशल मिडिया पर जो भी न्यूज़ चल रही है वो गलत है,और सरकार के अगले निर्देश पर ही पता चलेगा की स्कूल कॉलेज कब खुलेंगे,सोशल मिडिया पर चल रही न्यूज़ महज़ एक अफवाह है ।
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